| आई |
| आई ही असते कधी मम्मी |
| कधी कुठे असते ती माय, |
| माँ अथवा असो अम्मी |
| ती तर दुधावरची साय. |
| लहानपणापासून आपली |
| आईच आवडती शेफ, |
| कुठलाही पदार्थ आवडतो |
| करो चकली, चिवडा वा केक. |
| अनपेक्षित आपल्या तोंडून |
| पहिला शब्द निघतो तो आई, |
| जीवनातल्या प्रत्येक उणिवांची |
| करत असते ती भरपाई. |
| नऊ महिने पोटात ठेवून |
| जपते आपल्या सर्वांना, |
| पहिला शिक्षक म्हणून चालना देते |
| पुढील आपल्या सर्व कर्मांना. |
| ममता, करुणा आणि नेहमी |
| ओतप्रोत भरलेले प्रेम, |
| अशा पुज्यनिय माऊलीला |
| माझे सादर प्रणाम सप्रेम ! |
| “कविमोल” अमोल बारई |
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