| माझा देश, जगात नेक ! |
| माझा देश, जगात नेक |
| भारत भाग्यविधाता, |
| विविध धर्म, नाना वेष |
| अनेक अष्टपैलू भाषा. |
| दिवसागणिक प्रगती आपली |
| करुनी उत्तुंग शिखर सर, |
| साहित्य, क्रीडा, विज्ञान असो |
| व असो कलेचा सागर. |
| माझा देश, जगात नेक |
| भारत भाग्यविधाता, |
| चंद्र, सूर्य, मंगल समेत |
| मोहिमा अनेक गुण गाता. |
| उत्तम शेतमळे, रस्त्याचे जाळे |
| योग्य स्थान सर्व धर्मांना मिळे, |
| अशा या आपल्या भारतभूमीत |
| प्रगतीला खुले हे आकाश निळे. |
| “कविमोल” अमोल बारई |
शेअर करा..